महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीज़ों से ज़्यादा दिलचस्प अब
बनती नज़र आ रही है। शिवसेना और भाजपा के बीच महाराष्ट्र का सिंहासन पाने के लिए
हो रही खींचतान, अब मीडिया की सुर्खियां बनती जा रहा है। कहीं ना कहीं शिवसेना
सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ये चाह रहे है कि अबकि बार सीएम की कुर्सी पर कोई शिवसैनिक
बैठे, अगर वो शिवसैनिक आदित्य ठाकरे हो तो इसमें कोई अचंभा नहीं होगा। आदित्य ठाकरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य जिसने
चुनाव लड़ा है और जीता भी। इस पूरे मसले पर सत्ता की चाबियां शिवसेना, भाजपा,
निर्दलीय और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के बीच घूम रही है।
संजय राउत ने हालिया सियासी हालातों के मद्देनज़र एक फोटो साझा करते हुए ट्विट किया है। इस तस्वीर को गौर से देखा जाये तो इसके काफी गहरे मायने है। कुल मिलाकर ये तस्वीर कहती दिख रही है कि शिवसेना के पास एनसीपी और भाजपा दोनों का विकल्प अभी खुला हुआ है। वो लिखते है कि ये व्यंग्य बेहद कमाल का है, बुरा ना मानों दीवाली है।
संजय राउत ने हालिया सियासी हालातों के मद्देनज़र एक फोटो साझा करते हुए ट्विट किया है। इस तस्वीर को गौर से देखा जाये तो इसके काफी गहरे मायने है। कुल मिलाकर ये तस्वीर कहती दिख रही है कि शिवसेना के पास एनसीपी और भाजपा दोनों का विकल्प अभी खुला हुआ है। वो लिखते है कि ये व्यंग्य बेहद कमाल का है, बुरा ना मानों दीवाली है।
व्यंग चित्रकाराची कमाल!— Sanjay Raut (@rautsanjay61) October 25, 2019
बुरा न मानो दिवाली है.. pic.twitter.com/krj2QAnGmB
इस बीच एनसीपी ने अपना रूख़ साफ करते हुए बयान जारी किया है
कि, वे विपक्ष में बैठना चाहेगें बजाय सरकार का हिस्सा बनने के। इस बयान के साथ ही
शिवसेना के लिए संख्यबल का समर्थन हासिल करने के लिए एक दरवाज़ा बंद हो चुका है। शिवसेना
50-50 वाले समीकरण के लिए भाजपा पर दबाव बनने के लिए जोर लगा रही है, अगर यहाँ पर
भी बात नहीं बनती है तो ढ़ाई-ढ़ाई साल के लिए सीएम कुर्सी वाला फॉर्मूला भी अपनाया
जा सकता है।
288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में 105 सीटें बीजेपी,
56 सीटें शिवसेना को मिली है। इसके साथ ही एनसीपी को 54, कांग्रेस
को 44 और अन्य को 29 सीटें मिली हैं।
ऐसे में भाजपा-शिवसेना का गठजोड़ साफतौर पर सरकार बनाता दिखता है। लेकिन दोनों के
बीच जो ये रार उठी है, वो इसे रोकती दिख रही है।
दूसरी राजनैतिक पंड़ित ये भी भविष्यवाणी कर रहे है, अगर
एनसीपी ने भाजपा का साथ देकर सरकार खड़ी कर दी तो शिवसेना के सभी समीकरण गड़बड़ा
सकते है। शिवसेना कांग्रेस की ओर भी नहीं जा सकती है, क्योंकि दोनों को कॉबिनेशन
सरकार बनने के लिए पर्याप्त संख्यबल नहीं देता है।
सोशल मीडिया पर ये मुद्दा लोगों ने हाथों हाथ लिया और अपनी
प्रतिक्रियायें दर्ज की
— Tharoorism (@dr_farrago) October 24, 2019
बिलाल गौड़ लिखते है कि इस बीच आदित्य ठाकरे को ये लग रहा है कि, वो महाराष्ट्र के सीएम नहीं बन पायेगें।
meanwhile Aditye thakre after see he is not CM candidate of Maharashtra#ShivSena pic.twitter.com/J8zFsaQcsa— Bilal Gour (@bilalgaur13) October 24, 2019
थरूरिज़्म नाम से एक यूजर वीडियो ट्विट कर लिखते है कि शिवसेना वाले मीडिया को मुख्यमंत्री पद के बारे में ये कहते फिर रहे है।
Meanwhile #ShivSena leaders speaking with media about chief minister post..#MaharashtraAssemblyPolls2019pic.twitter.com/iH2dhJwSF3— Tharoorism (@dr_farrago) October 26, 2019


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