दिल्ली की सड़को से अगले साल तक DTC की इतनी बसें हो जायेंगी गायब?



 दिल्ली में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे है वैसे-वैसे पक्ष और विपक्ष दोनों के हमले तीखे होते जा रहे है। दिल्ली के लोगो का दिल जितने के लिए दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और विपक्ष में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) अपनी पूरी कोशिश में लगी हुई है। 


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली में फ्री सर्विसेज की मनो बौछार ही कर दी। दिल्ली सरकार ने दिल्ली की जनता के लिए बिजली और पानी के बिल माफ़ तो किये ही साथ ही दिल्ली की महिलाओ के लिए DTC बस को पूरी तरह से फ्री कर दिया। 

लेकिन अब दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर के इस ट्वीट ने केजरीवाल सरकार की स्कीम पर सवालिया निशान लगा दिया है। प्रवीण शंकर कपूर ट्वीट करते हुए लिखते है कि क्या आप जानते हैं वर्ष 2020 में दिल्ली की सड़कों से #DTC बसें लगभग गायब हो जायेंगी क्योंकि नियम अनुसार दिल्ली मे 10 वर्ष से अधिक पुरानी बस नही चल सकती और #ArvindKejriwal सरकार ने गत 5 साल मे एक भी Bus नही खरीदी। #DTC ने आखिरी बस 2010-11 में खरीदी थी। 


प्रवीण शंकर कपूर ने अपने इस ट्वीट में एक RTI का हवाला भी दिया है जिसमे दिल्ली सरकार से साल 2015-2019 तक डीटीसी बसों की खरीद की जानकारी मांगी गई है। दिल्ली सरकार ने आरटीआई का जवाब देते हुए जानकारी दी है की इस दौरान दिल्ली सरकार द्वारा एक भी बस नही खरीदी गई है। 



अपने दूसरे ट्वीट में प्रवीण शंकर कपूर लिखते है कि @TataMotors एवं #DTC के बीच हुऐ करार अनुसार तो Tata बस का रखरखाव केवल 8 वर्ष तक ही करता है और अब चल रही बसें #Condem मानी जानी चाहियें। यह #CNG बसें Fire Hazard हैं। लापरवाही के दोषी है @ArvindKejriwal

प्रवीण शंकर कपूर के मुताबिक दिल्ली में लगभग सभी DTC बसे 10 साल की समय सीमा पार कर चुकी होगी। नियम के मुताबिक जिन बसों की उम्र 10 साल पूरी हो चुकी है उन्हें दिल्ली के प्रदुषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की सडको पर चलने की इज़ाज़त नही है। 

गौरतलब है कि 2015 के अपने आदेश में, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसने किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र में 15 साल पुराने वाहनों की पार्किंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी एनजीटी के आदेश का समर्थन किया था।

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